जैव विविधता (Bio-diversity)| जैव विविधता के प्रकार (Types of biodiversity)| जैव विविधता का महत्त्व (Importance of biodiversity)

 जैव विविधता (Bio-diversity)| जैव विविधता के प्रकार (Types of biodiversity)| जैव विविधता का महत्त्व (Importance of biodiversity)

जैव विविधता (Bio-diversity)

  •  जैव विविधता मुख्य रूप से दो शब्दों से मिलकर बना है- जैविक और विविधता।   

  • वर्ष 1987 में सर्वप्रथम जैव विविधता को परिभाषित की गई अमेरिका में हुए टेक्नोलॉजी रोसमैन के आधार पर जैव विविधता को इस प्रकार परिभाषित किया गया है- पृथ्वी पर उपस्थित जीव जंतुओं में पाए जाने वाले विभिनता , विषमता और पारिस्थितिकी जटिलता जैव विविधता कहलाती है।
  • सन 2010 को जैव विविधता का अंतराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया गया ।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ ने दिसंबर 2010 के प्रस्ताव में 2011- 20 को जैव -विविधता दशक घोषित किया है ।
  • भारत का प्रथम नेशनल सेंटर फॉर मशीन bio-diversity (NCMB) गुजरात प्रांत के जामनगर में स्थित है ।
  • केरल स्थित शांति घाटी (SILENT VALLEY) में सर्वाधिक विविधता पाई जाती है ।
  • सर्वाधिक जैव विविधता टॉपिक क्षेत्र में है ।

सर्वाधिक जैव विविधता वाले देश


  • 1 . ब्राजील
  • 2. भारत (विश्व के कुल जैव विविधता का 7.5% से 8.0%)

  • जैव विविधता हेतु सर्वाधिक बड़ा प्रयास पृथ्वी शिखर सम्मेलन 1992 में किया गया।
  • जैव विविधता संधि 29 दिसंबर 1993 को लागू किया गया।

जैव विविधता के प्रकार (Types of biodiversity)


जैव विविधता को तीन प्रकार से समझा जा सकता है

  1. अनुवांशिक विविधता ( Genetic diversity )
  2. प्रजातीय विविधता (Species diversity)
  3. सामुदायिक या पारिस्थितिक तंत्र विविधता (Community or eco-system diversity)

अनुवांशिक विविधता ( Genetic diversity )

  • अनुवांशिक विविधता पौधों जीवो कवकों और सूक्ष्म जीवों में निहित जीनों की विविधता से मेल खाती है यह एक प्रजाति के साथ अन्य प्रजाति में पाई जाती है। लेकिन वे सभी अलग अलग दिखते हैं | उदाहरण के लिए कुत्ते की अलग-अलग नस्लें अनुवांशिकता का ही परिणाम है ।

प्रजातीय विविधता (Species diversity)


  • प्रजातीय विविधता से आशय है कि किसी पारिस्थितिक तंत्र के जीव-जंतुओं की प्रजातियों में विविधता से है। किसी निश्चित भौगोलिक परिवेश में रहने वाले जीव जंतुओं के समूह को प्रजातीय विविधता के रूप में जाना जाता है।

सामुदायिक या पारिस्थितिक तंत्र विविधता (Community or eco-system diversity)

  • पारिस्थितिक विविधता इसके अंतर्गत पारिस्थितिक तंत्र आते हैं ।
  • किसी एक विशेष वर्ग समुदाय में निवास करने वाले जीव जंतुओं और वनस्पतियों का दूसरे विशेष वर्ग समुदाय के जीव-जंतुओं व वनस्पतियों के मध्य पाई जाने वाली विविधता को सामुदायिक विविधता कहते हैं ।सामुदायिक विविधता स्थिर परितंत्र का निर्माण ,पर्यावरण को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने में मदद करती है। 
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जैव विविधता का महत्व  (Importance of biodiversity)

  • जीव जंतुओं वनस्पतियों से भोजन और सब्जियां आदि आवास के लिए उपयोगी वस्तुएं कपड़े रबड़ लकड़ी आदि यह सब जैव विविधता के कारण ही मिलते हैं
  • वैज्ञानिक अनुसंधान में खोजो और नवाचार के लिए जैव विविधता से आवश्यक संसाधनों की प्राप्ति होती है।
  • विश्व के 85% की मानव जनसंख्या कुल पादप प्रजाति के लगभग 20% से खाद्य वस्तु प्राप्त करते हैं ।इनमें गेहूं, चावल ,मोटा अनाज, दाल ,बाजरा आदि। मनुष्य को जीवित रहने के लिए आवश्यक पदार्थ है ।
  • हमारे चारों ओर पाए जाने वाले जीव जंतुओं,वृक्ष और लताएं तथा सूक्ष्म जीव पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि किसी जंतुओं और वनस्पति की संख्या में कमी आती है ,तो पारिस्थितिक तंत्र असंतुलन उत्पन्न  होता है ।
  • औद्योगिक सामग्री की एक विस्तृत श्रृंखला संसाधनों से प्राप्त होती है ।निर्माण सामग्रियों में रंग फाइबर चिपकने वाला पदार्थ और तेल आदि का भी निर्माण होता है ।
  • जैव विविधता का मानव जीवन में नैतिक महत्त्व भी है। जीव - जंतुओं और पौधों के माध्यम से जीवन उपयोगी शिक्षाओं को सरल बनाने में महत्व।
  • जैव विविधता पर्यावरण प्रदूषण के निस्तारण में सहायक होती है।
इसे भी पढ़ें विगत वर्षों पूछे गये कुछ महत्वपूर्ण तथ्य  


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