CHHATTISGARH KI JANJATIYA छत्तीसगढ़ की जनजातियाँ भाग 4

CHHATTISGARH KI JANJATIYA
CHHATTISGARH KI JANJATIYA छत्तीसगढ़ की जनजातियाँ भाग 4

CHHATTISGARH KI JANJATIYA छत्तीसगढ़ की जनजातियाँ 

सौरा जनजाति

  • सौरा जनजाति का संकेन्द्रण रायगढ़ ,महासमुंद जिले में है .
  • सौरा  जनजाति अपने आप को सबरी का पूर्वज मानते है .
  • सौरा जनजाति सांप पकड़ने का कार्य करते है

भतरा जनजाति

  • भतरा का अर्थ सेवक होता है .
  • इनका संकेन्द्रण बस्तर क्षेत्र में है .
  • ये मूलत: छत्तीसगढ़ के नहीं है ,माना जाता है कि 14वीं शताब्दी में काकतीय वंश के संस्थापक अन्नमदेव के साथ वारंगल से बस्तर आये थे .
  • भतरा जनजाति के लोग शिकार देवी की पूजा करते है .

भैना जनजाति

  • इनका संकेन्द्रण बिलासपुर ,मुंगेली ,रायपुर कोंडागांव ,बस्तर एवं रायगढ़ में है .
  • मुख्यत : बिलासपुर क्षेत्र में है .
  • भैना जनजाति की उत्त्पत्ति बैगा व कवर के मिश्रण से हुई है .
  • इनके घर को झालियारा कहते है .

परधान जनजाति

  • इनका संकेन्द्रण बलौदा बाजार ,रायपुर,बिलासपुर में है .
  • ये गोंड राजाओं के मंत्री का काम करते थे ,जिन्हें पटारिया भी कहा जाता था .
  • ये गोंड राजाओं के गीत गायक भी थे .जिसके कारण गाथावाचक के रूप में माना जाता है .
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भारिया जनजाति

  • इनका संकेन्द्रण बिलासपुर ,कोरबा ,जांजगीर-चाम्पा ,में है .
  • भारिया जनजाति की मूल बोली भार्नोती या भारियाटी है.
  • इनका निवास स्थान 'ढाना 'कहलाता है .
  • ये सांप और मोर के मांस खाते है.ये लोग भी स्थानांतरित कृषि करते है जिसे दहिया कहते है .
  • भरिया जनजाति के कुल देवता बुढादेव ,दूल्हादेव और नागदेव है .
  • भारिया जनजाति के लोग सात स्थानियों की देवियों की आराधना करते है .
  • भारिया जनजाति बाघेश्वर देव की पूजा करते है ,मान्यता है कि बाघेश्वर देव बाघ से इनकी रक्षा करता है .
  • ग्राम सीमा पर गुठवा नाबाका चबूतरा होता है .
  • इनका युवागृह घसरवासा है .ये लोग भडम नृत्य करते है ,भड्म नृत्य सबसे लम्बे समय तक चलने वाला नृत्य है .

कवर जनजाति -

  • इनका संकेन्द्रण सूरजपुर,सरगुजा ,बलरामपुर ,बिलासपुर और रायगढ़ में है .
  • कंवर जनजाति अपने आप को कौरवों के पूर्वज मानते है .
  • यह जमजाती सैन्य कार्य करती है ,इनकी प्रमुख देवता सगराखंड है .
  • कंवर जनजाति सगरी एवं छत्तीसगढ़ी बोली बोलती है .
  • इनके टोटम समूह गोटी कहलाता है .

कोया/दोरला/कोयतुर

  • इनका संकेन्द्रण बस्तर एवं सुकमा मे है .
  • यह गोंड जनजाति की उपजाति है ,यह गोदावरी अंचल में निवास करती है .

कंघ जनजाति

  • यह रायगढ़ क्षेत्र में निवास करती है .
  • यह एक सिमित जनजाति है .
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